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सोनिया गाँधी जीवन परिचय | Sonia Gandhi Biography in Hindi

सोनिया गाँधी जीवन परिचय (Sonमनमोहन सिंहia Gandhi Biography in Hindi)

सोनिया गाँधी भारत देश की राजनीती का बहुचर्चित चेहरा है. सोनिया जी गाँधी परिवार की बहु होने के साथ साथ भारत के राजनेता के रूप में भी जानी जाती है. सोनिया गाँधी वैसे इटली की मूल निवासी है, लेकिन भारत के राजीव गाँधी से शादी के बाद वो भारत में रहने लगी. सोनिया गाँधी ने जीवन में बहुत से उतार चड़ाव देखे है. कैसे इटली के एक छोटे से रेस्तरां में काम करने वाली साधारण सी लड़की भारत के राजकुमार से शादी करती है? क्यों आखिर सोनिया को न चाहते हुए भी भारत की राजनीती में उन्हें उतरना पड़ा. ये सारे सवाल के जबाब आपको इस आर्टिकल में हम देंगें.

Sonia Gandhi

1 नाम (Name) सोनिया गाँधी
2 अन्य नाम (Other names) सोनिया मैनों, एड्विज एंटोनिया अल्बीना मैनो
3 राष्ट्रियता (Nationality) भारतीय
4 जन्म (Birth) 9 दिसम्बर, 1946
5 आयु (Age) 72 साल
6 जन्म स्थान (Birth Place) लुसिआना, इटली
7 गृहनगर दिल्ली
8 धर्म (Religious) इसाई
9 जाति (Caste) इसाई
10 राशि (Sign) मिथुन
11 पैशा (Profession) राजनीतिज्ञ
12 वैवाहिक स्थिती (Marital Status) विवाहित
ट्विटर अकाउंट (Twitter Account) https://twitter.com/SoniyaGandhi10
फेसबुक अकाउंट (Facebook Account) NA
इन्स्ताग्राम अकाउंट (Instagram Account) NA
नेट वर्थ (Net Worth) 2 बिलियन डॉलर

सोनिया गाँधी का प्रारंभिक जीवन (Sonia Gandhi Birth, Education, Early life)

जन्म – सोनिया का जन्म 1946 में इटली के छोटे से स्थान लुसिआना में एक पारंपरिक रोमन कैथोलिक ईसाई परिवार में हुआ था. सोनिया का बचपन ट्यूरिन के पास ओर्बासानो शहर में बिता था.

शिक्षा – सोनिया ने प्राइमरी स्कूल की शिक्षा लोकल कैथोलिक स्कूल से की थी. शुरू में में वे अपनी बहन मारिया से घर पर ही शिक्षा ग्रहण करती थी. मारिया उनकी पहली टीचर थी, जो कहती थी कि सोनिया मेहनती लड़की है, जो पढाई के लिए बहुत मेहनत करती है. सोनिया गाँधी ने 13 साल में अपनी हाई स्कूल की शिक्षा पूरी कर ली थी. सोनिया गाँधी इस उम्र में फ्लाइट अटेंडेंट बनने का सपना देख रही थी. 1964 में 18 साल की उम्र में सोनिया ने इंग्लिश की पढाई के लिए कैम्ब्रिज के बेल एजुकेशनल ट्रस्ट लैंग्वेज स्कूल में दाखिला लिया. यहाँ पढाई के साथ-साथ सोनिया वर्सिटी रेस्तरां में पार्ट टाइम वेट्रेस का काम किया करती थी.

पारिवारिक जीवन – सोनिया की माता पाओला एवं पिता स्टेफनो इटली के रहने वाले थे. सोनिया की 2 बहने है, जो आज भी अपनी माँ के साथ ओर्बासानो में रहती है. इनके पिता बिल्डिंग, मकान बनाने का काम करते थे, इनका ओर्बासानो में अपना खुद का कंस्ट्रक्शन का बिजनेस था. इनके पिता ने द्वीतीय विश्व युद्ध में हिटलर की तरफ से सोवियत सेना के खिलाफ लड़ाई में शामिल हुए थे. इसके साथ ही सोनिया के पिता बेनिटो मुसोलिनी और नेशनल फासिस्ट पार्टी के वफादार समर्थक थे. स्टेफानो ने पूर्वी मोर्चे में इटेलियन की भागीदारी की याद में सोनिया और उनकी बड़ी बहन नादिया का नाम रखा था. सोनिया के पिता की मृत्यु 1983 में हो गई थी.

सोनिया गाँधी – राजीव गाँधी की शादी एवं उनका परिवार (Sonia Gandhi Marriage, Children, Family)

सोनिया जब कैम्ब्रिज 1965 में पढाई कर रही थी, उस समय पार्ट टाइम जॉब के लिए उन्होंने एक रेस्तरां में काम किया था. यही इनकी मुलाकात राजनीतिक रूप से शक्तिशाली नेहरू-गांधी परिवार के राजकुमार राजीव गाँधी से होती है. राजीव उस समय वहां के ट्रिनिटी कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रहे थे. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने के बाद, दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया था. सोनिया-राजीव के रिश्ते को उनके परिवार ने भी स्वीकार लिया था. 3 साल के रिश्ते के बाद 1968 में दोनों ने भारत में हिन्दू रीती रिवाज से शादी की थी.

सोनिया शादी के बाद राजीव के साथ उनकी माँ इंदिरा गाँधी के घर में रहने लगी थी, उस समय यह घर भारत के प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी का था. इटली के एक छोटे से शहर की, एक आम परिवार की लड़की अब भारत के प्रधानमंत्री की बहु बन चुकी थी. सोनिया के लिए यह सब एक सपने से कम नहीं था. राजीव गाँधी उनके लिए सपनों के राजकुमार की कहानी की तरह थे, जो एक दिन अचानक आकर उनके जीवन में इतना बड़ा बदलाव कर देते है.

सोनिया एवं राजीव गाँधी ने 1970 में एक बेटे को जन्म दिया था, जिनका नाम राहुल रखा गया. इसके बाद दोनों की 1972 में एक बेटी प्रियंका हुई.

पति का नाम (Husband name) राजीव गाँधी
सास का नाम (Mother in law) इंदिरा गाँधी
ससुर का नाम (Father in law) फिरोज गाँधी
नाना ससुर जवाहर लाल नेहरु
बेटा (Son) राहुल गाँधी
बेटी (Daughter) प्रियंका गाँधी
दामाद रोबर्ट वाड्रा
देवर संजय गाँधी
देवरानी मेनका गाँधी

नेहरु-गाँधी परिवार के होने के बावजूद सोनिया एवं राजीव दोनों को राजनीती में कोई दिलचस्पी नहीं थी. दोनों एक आम पति-पत्नी की तरह जीवन व्यतीत करना पसंद करते थे. उस समय राजीव एयरलाइन पायलेट के रूप में कार्य कर रहे थे, वहीँ सोनिया एक गृहणी के रूप में उनके घर और परिवार को संभाल रहीं थीं. इस दौरान सोनिया ने अपनी सास इंदिरा गाँधी के साथ एक अच्छा महत्वपूर्ण समय व्यतीत किया था. एक इंटरव्यू के दौरान सोनिया जी ने कहा भी था कि इंदिरा एक बहुत अच्छी सास और माँ थी, जो हमेशा प्यार और स्नेह से व्यव्हार करती थी.

1977 में भारत में आपातकाल के दौरान गाँधी परिवार पर मुसीबत आ गई थी, इंदिरा गाँधी को अपना पद त्यागना पड़ा था. इस दौरान सोनिया अपने परिवार सहित कुछ समय के लिए विदेश चली गई थी. 1980 में अचानक राजीव के छोटे भाई संजय गाँधी की प्लान क्रेश में मृत्यु हो गई थी, संजय उस समय भारत की राजनीती में पूर्ण रूप से सक्रीय थे. भाई की मृत्यु के बाद परिवार के दबाब के चलते राजीव को 1982 में भारत की राजनीती में उतरना पड़ा था. इस दौरान भी सोनिया गाँधी परिवार और अपने बच्चों की देखरेख कर रही थी. राजनीती में वे अपने परिवार के साथ कभी नहीं दिखाई दी थी.

सोनिया गाँधी का राजनैतिक सफ़र (Sonia Gandhi Political Career)

  • 1984 में सोनिया की सास इंदिरा गाँधी की हत्या हो गई थी, जिसके बाद उसी रात सोनिया के पति राजीव गाँधी को भारत का प्रधानमंत्री बना दिया गया था. प्रधानमंत्री की पत्नी के रूप में सोनिया ने इस समय भारतीय राजनीती में कदम रखा था. उन्होंने इस दौरान कई राजकीय यात्राओं में अपने पति का साथ दिया था.
  • 1984 में जब चुनाव हुए थे, तब अपने ही घर की छोटी बहु मेनका गाँधी के खिलाफ चुनाव रैली में सोनिया सक्रीय रही थी, और अमेठी की सीट के लिए अपने पति राजीव गाँधी का पूर्ण सहयोग किया था.
  • 1991 में राजीव गाँधी की दुखद हत्या के बाद, गाँधी परिवार से अगला चेहरा सोनिया गाँधी का ही था. सबने उन्हें देश का अलग प्रधानमंत्री बनने के लिए बोला, लेकिन उन्होंने इसके लिए मना कर दिया. उस समय कांग्रेस पार्टी के लीडर पीवी नरसिम्हा राव सभी नेताओं की अगली पसंद बने, जिसके बाद पीवी नरसिम्हा राव अगले पांच सालो के लिए प्रधानमंत्री बन गए.
  • राजीव गाँधी की मृत्यु के बाद सोनिया जी ने दूसरी शादी भी करने से मना कर दिया. कई लोगों ने उन्हें इटली वापस जाने की भी सलाह दी, लेकिन वे अपने बच्चों के साथ भारत में ही रहना चाहती थी.

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बनना –

  • 1996 में फिर आम चुनाव हुए, जिसमें कांग्रेस की हार हुई. उस समय कांग्रेस पार्टी की कमान सीताराम केसरी के हाथों में थी. इस बात से कांग्रेस में बहुत विवाद पैदा हो गया था. बहुत से लोग कांग्रेस को छोड़ने लगे थे. इस स्थिति को देखते हुए, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के सोनिया जी से पार्टी ज्वाइन करने का आग्रह किया. सोनिया गाँधी ने 1997 में पार्टी ज्वाइन करने का फैसला किया और कलकत्ता प्लेनरी सत्र में एक प्राथमिक सदस्य के रूप कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की.
  • पार्टी ज्वाइन के सिर्फ 62 दिन बाद सोनिया जी को पार्टी के सदस्यों ने अध्यक्ष पद को अपनाने की पेशकश की, जिसे उन्होंने स्वीकारा और 1998 में सीतराम केसरी के बाद सोनिया गाँधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बन गई.
  • 1999 में कांग्रेस पार्टी के ही दुसरे नेता ने सोनिया जी पर विदेशी मूल के होने के कारण, उनके पीएम बनने की बात पर सवाल खड़े कर दिए थे. इस बात से सोनिया जी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने की पेशकश कर दी थी. जिसके बाद पार्टी में 2 गुट बन गए और सोनिया जी का विरोध करने वालों ने अपनी अलग पार्टी बना ली.
  • 1999 में सोनिया जी कर्णाटक की बेल्लारी एवं उत्तरप्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव के लिए खड़ी हुई थी. इन दोनों ही जगह सोनिया जी को विजय प्राप्त हुई, लेकिन सोनिया जी ने अपने परिवार के क्षेत्र अमेठी को चुना. बेल्लारी में सोनिया जी ने बीजेपी की प्रसिध्य नेता सुषमा स्वराज को हराया था.
  • विपक्ष नेता – 1999 में 13वें लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था और भारत देश को अटल बिहारी जी के रूप में नए प्रधानमंत्री मिले थे. सोनिया को विपक्ष नेता के रूप में चुना गया था. सोनिया जी ने 2003 में बीजेपी की एनडीए सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव जारी कर दिया था.

2004 से 2014 के बीच राजनीती में सोनिया गाँधी की भूमिका –

  • सन 2004 के चुनाव में कांग्रेस एक नए जोश के साथ मैदान में उतरी थी, और इस बार चुनाव की पूरी ज़िम्मेदार सोनिया जी के कंधो पर ही थी. सोनिया जी ने पुरे देश में आम आदमी के स्लोगन के साथ बीजेपी सरकार को टक्कर दी थी. सोनिया जी ने रायबरेली से चुनाव लड़ा था, जहाँ 2 लाख के वोट के मार्जिन से उन्हें जीत मिली थी. बीजेपी (एनडीए) पार्टी की बड़ी हार के बाद सोनिया जी को व्यापक रूप से भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा था. सभी जगह यही चर्चा थी कि सोनिया गाँधी ही अब अगली प्रधानमंत्री बनेंगी. इस बात का विरोध भी पुरे देश में जमकर हो रहा था क्यूंकि वे विदेशी मूल की महिला थी. बीजेपी नेता सुषमा स्वराज ने तो अपने बाल मुडवाने तक की धमकी दे डाली थी. इन्ही सब खींचातानी के बाद सोनिया जी ने अपने कदम पीछे ले लिए, और अपनी जगह प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह का नाम सामने रखा, जिसे पार्टी के बाकि सभी सदस्यों ने सहमति दे दी.
  • सन 2004 में यूपीए सरकार द्वारा राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (National Advisory Council) का गठन हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अध्यक्ष के रूप में सोनिया गाँधी जी को चुना था. इस पद पर कार्यरत रहने के दौरान सोनिया जी ने  राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की शुरुवात की थी. सन 2005 में सोनिया जी ने सूचना का अधिकार अधिनियम (Right to Information Act) लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
  • सन 2006 में सोनिया जी के खिलाफ ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट का विवाद सामने आया था, जिसके चलते उन पर लोकसभा में सांसद के पद से और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने का दबाब डाला गया था. लेकिन मौजूद सरकार ने इसके कानून में फेरबदल कर दिए, जिससे सोनिया जी अपने पद पर विराजमान रही.
  • सन 2010 में सोनिया जी को फिर राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का अध्यक्ष बनाया गया था, इस पद पर वे 2014 तक विराजमान रही.
  • सन 2006 में सोनिया गाँधी एक बार फिर अपने निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली से चुनाव में खड़ी हुई थी, जहाँ उन्होंने 4 लाख से अधिक मार्जिन से जीत हासिल की थी.
  • सन 2009 में सोनिया जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा आम चुनाव में बहुमत से एक बड़ी जीत हासिल की थी, जिसके बाद मनमोहन सरकार कायम रही थी. कांग्रेस ने अपने दम पर 206 सीट हासिल की थी. सोनिया जी भी लगातार तीसरी बार सांसद के पद पर कार्यरत रहीं थी.
  • सन 2013 में सोनिया जी ने राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के रूप में 15 साल पुरे कर के, एक नया इतिहास रच दिया था.
  • सन 2014 में हुए एक बार फिर आम चुनाव में सोनिया जी रायबरेली से ही खड़ी हुई थी, जिसमें उन्हें जीत भी हासिल हुई थी, लेकिन अफ़सोस कांग्रेस की ये अब तक की सबसे बड़ी हार हुई थी. कांग्रेस सिर्फ 44 सीटों में सिमट गई थी.
  • सन 2017 में सोनिया जी ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद में अपनी जगह अपने बेटे राहुल गाँधी को बैठा दिया था. 20 साल के बाद सोनिया जी कांग्रेस पार्टी की कमान अपने बेटे को दे दी थी. राहुल उस समय भारत की राजनीती में पूर्ण रूप से सक्रीय थे, वे इस पद को ग्रहण करने के लिए तैयार थे.

सोनिया गाँधी स्वास्थ्य (Sonia Gandhi health)

सोनिया गाँधी को सन 2011 में सर्वाइकल कैंसर हो गया था, जिसकी सफल सर्जरी उन्होंने अमेरिका में कराइ थी. उसके बाद उन्हें इससे जुडी कोई परेशानी नहीं हुई थी. सन 2017-18 में भी सोनिया जी ख़राब स्वास्थ्य की वजह दिल्ली के अस्पताल में कई बार भरती हुई थी.

सोनिया गाँधी विवाद (Sonia Gandhi Controversy)

भाजपा ने आरोप लगाया था कि सोनिया गाँधी का नाम अप्रैल 1983 में दिल्ली की मतदाता सूची में था. उन्होंने भारतीय कानून का उल्लंघन किया था, क्यूंकि उस समय उन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त नहीं हुई थी. इस बात पर सोनिया गाँधी के बचाव में प्रणव मुखर्जी ने कहा था कि अप्रैल 1983 में ही सोनिया ने इटालियन पासपोर्ट को वहां के दूतावास में जमा कर दिया था. उस समय इटली में दो देश की नागरिकता प्राप्त करने का कानून नहीं था. तो जब 1983 में सोनिया को भारत की नागरिकता मिली तो इटली के कानून अनुसार उनसे वहां की राष्ट्रीयता छीन गई थी.

सोनिया गाँधी को मिले अवार्ड्स एवं योगदान (Awards and Achievements)

  • सोनिया जी ने सन 2004 से 2014 तक प्रभाशाली ढंग से भारत की राजनीती में अपना योगदान दिया था. कई मैगजीन ने उन्हें पावरफुल महिला की लिस्ट में जगह भी दी थी.
  • सन 2007 में विश्व प्रसिध्य फ़ोर्ब्स मैगजीन ने दुनिया की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की लिस्ट जारी की थी, जिसमें सोनिया जी को तीसरी रैंक में रखा गया था. इसी मैगजीन ने उन्हें 2010, 2012 एवं 2013 में भी लिस्ट में जगह दी थी.
  • सोनिया जी को अच्छे कपड़े पहनने का बहुत शौक है. सन 2013 में गार्जियन मैगजीन ने 50 की उम्र पार ऐसी महिलाओं की लिस्ट बनाई थी, जो बेस्ट ड्रेस्ड रहती है. सोनिया जी का नाम उस लिस्ट में शामिल किया गया था.
  • 2008 में सोनिया जी को मद्रास युनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की पदवी से सम्मानित किया गया था.

सोनिया गाँधी के बारे में रोचक तथ्य (Interesting facts about Sonia Gandhi)

  • सोनिया गांधी जी की अनुमानित कुल संपत्ति (Net Worth) लगभग 2 बिलियन डॉलर है.
  • सोनिया जी को सफाई बहुत पसंद है, वे अपने घर में साफ सफाई खुद करना पसंद करती है.
  • सोनिया जी को कुकिंग करना बहुत पसंद है. वे घर पर खुद कूकिंग करना पसंद करती है.
  • सोनिया जी का बुक्स के प्रति प्रेम विश्व प्रसिध्य है, विशेषकर सोनिया जी को साहित्य में रूचि है, उन्होंने कई साहित्यिक किताबें पढ़ रखी है.
  • सोनिया जी उपन्यास भी बहुत पढ़ा करती है, उन्हें पसंदीदा उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद्र है.
  • सोनिया जी कला प्रेमी भी है, उन्होंने नेशनल गैलरी ऑफ़ मॉडर्न आर्ट से आर्ट रेस्टोरेशन कोर्स भी किया है.
  • सोनिया जी को नौ अलग-अलग भाषा का ज्ञान है. वे जर्मनी, फ्रेंच, इंग्लिश, हिंदी के अलावा और भाषाएँ बोल सकती है.
  • सोनिया जी को हथकरघा एवं पारंपरिक बुनाई की हुई साड़ियाँ बेहद पसंद है. साड़ियों के प्रति प्रेम उनका प्रेम साफ़ दिखाई पड़ता है. वे हमेशा सार्वजनिक सभाओं में अच्छी से अच्छी हथकरघा वाली साड़ियाँ पहनती है.
  • सोनिया जी सिम्पलिसिटी के मंत्रा को फॉलो करती है, वे सिंपल स्टाइलिश रहना पसंद करती है. सोनिया जी के फैशन की समझ उनकी सास इंदिरा गांधी जी की तरह ही है.
  • सोनिया जी को फिट रहना पसंद है, वे एक सख्त फिटनेस रूटीन को फॉलो करती है और जंक फ़ूड खाने से परहेज करती है. सोनिया जी रोजाना सुबह योग को भी समय देती है.

सोनिया गाँधी पर लिखी गई किताबें (Sonia Gandhi Books)

  • रानी सिंह द्वारा लिखी गई “सोनिया गांधी – एक असाधारण जीवन, एक भारतीय भाग्य”
  • नुरुल इस्लाम सरकार द्वारा लिखी गई – “सोनिया गाँधी”
  • संजया बारु लिखी गई “दी एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर”

सोनिया गाँधी विश्व पटल में एक सफल राजनेता के रूप में जानी जाती है, जो विदेशी मूल होने के बावजूद भारत देश के विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहती है. सोनिया जी के आने वाले जीवन और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए हम उन्हें शुभकामनाएं देते है.

Other Link:

  1. भारत के संविधान का इतिहास
  2. राहुल गांधी का जीवन परिचय

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