राहुल गांधी का जीवन परिचय | Rahul Gandhi Biography in hindi

राहुल गांधी का जीवन परिचय (Rahul Gandhi Biography in hindi)

राहुल गांधी  भारत देश का एक चर्चित युवा नेता है. आज के समय में राहुल गांधी  को एक बड़े युवा नेता का चेहरा माना जाता है. नेहरु परिवार से संबंध रखने वाले राहुल गांधी , अपने पूर्वजो की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए, भारत देश की  सेवा के लिए पूर्ण रूप से भारतीय राजनीति  में सक्रीय है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी  के जीवन से जुड़ी हर छोटी बड़ी बात को हम आप से साझा करेंगें, जन्म, परिवार, विवाद, करियर आदि. सारी जानकारी प्राप्त करने के लिए आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें.

Rahul Gandhi

क्र. . परिचय बिंदु (Introduction Points) परिचय (Introduction)
1. पूरा नाम (Full Name) राहुल गांधी
2. अन्य नाम (NickName) राहुल बाबा, रागा
3. जन्म (Birth) 19 जून 1970
4. जन्म स्थान (Birth Place) दिल्ली, भारत
5. पेशा (Profession) राजनेता
6. उम्र (Age) 48
7. धर्म (Religion) हिन्दू
8. राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
9. गृहनगर (Hometown) दिल्ली
10. राशि (Zodiac Sign) मिथुन
11. जाति (Caste) ब्राह्मण
12. वैवाहिक स्थिति (Marital Status) सिंगल
13. ट्विटर अकाउंट (Twitter) https://twitter.com/RahulGandhi?ref_src=twsrc%5Egoogle%7Ctwcamp%5Eserp%7Ctwgr%5Eauthor
14. फेसबुक अकाउंट (Facebook) https://www.facebook.com/rahulgandhi/
15. इन्स्ताग्राम (Instagram) https://www.instagram.com/rahulgandhi/?hl=en

राहुल गांधी  जन्म एवं परिवार की जानकारी (Birth and Family Details)

1. माता का नाम (Mother’s Name) सोनिया गांधी
2. पिता का नाम (Father’s Name) राजीव गांधी
3. दादी का नाम (Grandmother’s Name) इंदिरा गांधी
4. दादा का नाम (Grandfather’s Name) फिरोज गांधी
5. पर नाना का नाम (Great Grandfather’s Name) पंडित जवाहर लाल नेहरु
6. बहन का नाम प्रियंका गांधी
7. जीजा का नाम रोबर्ट वाड्रा
8. चाचा का नाम संजय गांधी
9. चाची का नाम मेनका गांधी
10. कजिन का नाम वरुण गांधी

राहुल गांधी  का जन्म जून 1970 में हुआ था. भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी  के बड़े बेटे राहुल, अपनी माँ सोनिया गांधी , दादी इंदिरा गांधी  के बहुत चहिते थे. बचपन से ही इन्होने राजनीति  को करीब से देखा था, बड़े बड़े नेता इनके घर में ही थे, और देश के बाकि नेताओं का भी इनके यहाँ आना जाना लगा रहता था. राहुल गांधी  की माँ सोनिया गांधी  इटली की रहने वाली थी. राजीव गांधी  जब बाहर पढ़ने के लिए गए थे, तभी उनकी मुलाकात सोनिया से हुई. एक दुसरे को जानने के बाद दोनों ने शादी का फैसला कर लिया. दोनों की शादी 1968 में हुई, जिसके बाद 1970 में राहुल हुए थे. आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू राहुल के पर नाना जी लगते है. राहुल की बहन प्रियंका उनसे 2 साल छोटी है, जिन्होंने 1997 में एक बड़े व्यापारी रॉबर्ट वाड्रा से शादी की थी.

राहुल गांधी  की शिक्षा (Rahul Gandhi Education)

  • राहुल अपनी स्कूल की पढ़ाई दिल्ली के संत कोलंबिया स्कूल से की थी. इसके बाद 1981 में इनका दाखिला देहरादून के दून स्कूल में करा दिया गया, जहाँ इन्होने दो सालों तक पढाई करी थी.
  • 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पुरे देश में इसके खिलाफ दंगे होने लगे थे. पुरे देश में सिख विरोधी दंगे जोरों पर थे, उसी बीच राहुल के पिता राजीव गांधी  को रातों रात भारत देश का प्रधानमंत्री बना दिया गया. लोगों में बहुत गुस्सा था , जिसके बाद गांधी परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. इसी के चलते राहुल और उनकी बहन प्रियंका को आगे की पढ़ाई के लिये स्कूल नहीं जाने दिया गया  और घर पर ही उन्हें पढ़ाने की व्यवस्था की गई थी. ऐसें ही उन्होंने अपनी स्कूल की पढाई पूरी करी थी.
  • 1989 में जब शांति का माहौल हो गया था , तब राहुल को कॉलेज की पढाई के लिए दिल्ली के सेंट स्टेफेन कॉलेज भेजा गया था. राहुल यहाँ एक साल तक ही पढाई करते है, उसके बाद आगे की पढाई के लिए, वे अमेरिका की हार्वर्ड युनिवर्सिटी चले गए थे.
  • 1991 में राहुल के पिता राजीव गांधी का चुनावी रैली के दौरान मानव बम द्वारा हमला किया गया था, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई थी. इसके बाद राहुल की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अमेरिका के फ्लोरिडा भेज दिया गया था. यहाँ उनका दाखिला रोल्लिंस कॉलेज में किया गया था, जहाँ से 1994 में उन्होंने बीए की डिग्री हासिल की थी. रोल्लिंस कॉलेज में राहुल की पहचान को बदल दिया गया था, वे किसी और नाम से वहां रहते थे, जिसकी जानकारी कॉलेज के अधिकारी और सुरक्षा एजेंसी को ही थी.
  • 1995 में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढाई के लिए राहुल कैम्ब्रिज के ट्रिनिटी कॉलेज में दाखिला लेते है, जहाँ से उन्होंने एम् फिल की डिग्री हासिल की थी.

राहुल गांधी  करियर (Rahul Gandhi Career)

  • ग्रेजुएशन के बाद ही राहुल पैसे कमाने के लिए लन्दन में नौकरी करने लगे थे. यहाँ की मॉनिटर ग्रुप नाम की कंसल्टेंसी में राहुल ने कुछ समय काम किया था.
  • जब राहुल लन्दन में नौकरी कर रहे होते उस समय यहाँ भारत में राजनीति में घमासान चल रहा था. राजीव गांधी की हत्या के बाद, पुरे देश में व्याप्त कांग्रेस को सँभालने के लिए एक नेता की जरुरत थी, जिसके चलते 1998 में सोनिया गांधी को राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया गया था.
  • इसके बाद राहुल की भी भारत वापसी हो गई थी. यहाँ आने के बाद राहुल ने सन 2002 में अपना कुछ काम शुरू किया था. जिसके लिए राहुल ने मुंबई में एक टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग फर्म की स्थापना की थी.

राहुल गांधी  का राजनैतिक सफ़र (Rahul Gandhi Political Career)

  • सन 2004 में राहुल ने भारत की राजनीति में आने का फैसला ले लिया था. उन्होंने घोषणा कि की वो मई 2004 में लोकसभा चुनाव में उतरेंगें, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वो अपने पिता के निर्वाचन क्षेत्र यूपी के अमेठी से चुनाव लड़ेंगें. राजीव गांधी के निधन के बाद इस सीट से सोनिया गांधी  खड़ी होती थी. राहुल के द्वारा अमेठी की सीट लेने के बाद सोनिया गांधी  रायबरेली से खड़ी होने लगी थी. भारत देश के सबसे प्रसिद्ध राजनीतिक परिवार के इस बयान के बाद देश के अन्य सभी राजनेताओं के बीच खलबली मच गई.
  • 2004 के चुनाव के समय उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति कुछ खास नहीं थी, वहां कुल 80 लोकसभा सीट थी, जिसमें से सिर्फ 10 कांग्रेस के नाम थी.
  • राहुल गांधी ने अपने पहले इंटरव्यू में कहा था कि वे सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करते है. विभाजन की कूटनीति राजनीति को वो बिल्कुल गलत मानते है. राहुल ने यह भी कहा था कि वो देश में व्याप्त जाति और धार्मिक तनाव को कम करने की पूरी कोशिश करेंगे.
  • राहुल को सन 2004 में अमेठी की सीट से जीत हासिल हुई थी, वो भी 1 लाख से भी अधिक वोट के मार्जिन से उन्हें वो जीत प्राप्त हुई थी.
  • 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कोई असर नहीं छोड़ी थी. वहां हुए अभियान में राहुल एक प्रमुख चेहरा थे.
  • 2007 में ही राहुल गांधी को युवा राजनीति का एक प्रमुख चेहरा माना गया, जिसके बाद अखिल भारतीय कांग्रेस ने कमिटी में भी बदलाव किये थे और राहुल को महासचिव घोषित किया था. इसके साथ ही राहुल को भारतीय युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ की कमान भी दी गई थी. राहुल ने भारत में युवाओं की राजनीति में सकारात्मक बदलाव का वादा किया था.
  • 2008 में लोग राहुल को अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखने लगे थे, कांग्रेस कमिटी के सदस्य सभी लोग अगले प्रधानमंत्री के लिए राहुल का नाम सबके सामने बोलने लगे थे, जबकि उस समय कांग्रेस पार्टी के ही मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे.
  • सन 2013 की शुरुवात में ही कांग्रेस कमिटी ने राहुल को पार्टी का उपाध्यक्ष चुना था, जबकि उस समय अध्यक्ष पद पर उनकी ही माँ सोनिया गांधी विराजमान थी.
  • 2009 चुनाव – राहुल ने 2009 के लोकसभा चुनाव में बहुत सी चुनावी रैली की थी, चुनाव जीतने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की. 6 हफ़्तों में उन्होंने देश भर में 125 से ज्यादा सभाएं एवं रैलियां की थी. पुरे देश में उस समय एग्जिट पोल में कांग्रेस को परास्त देखा जा रहा था, लेकिन कांग्रेस ने इन सभी को गलत साबित कर दिया था और यूपीए सरकार को जनादेश मिल गया था. कांग्रेस की यह बड़ी जीत थी, जिसमें मुख्य योगदान राहुल का माना जा रहा था.
  • 2012 के विधानसभा चुनाव 2012 में उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें राहुल ने दो महीने में 200 से ज्यादा रैली के द्वारा चुनाव प्रचार किया था. हालांकि उस समय कांग्रेस पार्टी को जीत नहीं मिली थी और वो चौथे स्थान पर थी. फिर पिछले बार के चुनाव से उस समय स्थिति बेहतर थी.
  • 2014 लोकसभा चुनाव राहुल गांधी ने 2014 के आम चुनाव में अमेठी लोकसभा क्षेत्र से खड़े हुए थे. यहाँ उनके विरोध में भाजपा की तरफ से स्मृति ईरानी खड़ी थी. राहुल को यहाँ लाखों वोट के मार्जिन से जीत हासिल हुई थी. इस जीत के विपरीत कांग्रेस को पुरे देश में तब तक की सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था. राहुल के नेतृत्व में कांग्रेस को सिर्फ 44 सीट ही मिली थी. इस बड़ी हार के बाद राहुल अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश करते है, लेकिन पार्टी के अन्य सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया था.
  • 2017 को सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद अपने बेटे राहुल गांधी को सौंप दिया था. तब से राहुल इस पद पर बने हुए है, और कार्य कर रहे है.

राहुल गांधी  के अन्य काम

2014 के चुनाव में हार के बाद से राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के रूप में सक्रीय है. राहुल देश के किसानों के लिए बहुत से कार्य करते है, आये दिन वे किसानों के पास जाकर उनकी व्यथा सुनते और उनके साथ रैली में शामिल भी होते है.

राहुल गांधी  गर्लफ्रेंड/अफेयर (Rahul Gandhi Girlfriends, affairs)

  • राहुल गांधी की गर्लफ्रेंड के लिए हमेशा वेरोनिक कार्टेल्ली का नाम सामने आया है. दोनों 1990 के दौरान इंग्लैंड में मिले थे, जब राहुल वहां पढाई कर रहे थे. कहते है दोनों के बीच गहरा रिश्ता बन गया था, जो 10 सालों तक रहा था. दोनों को कई बार साथ में मैच देखते एवं अंडमान में छुट्टियाँ मनाते हुए देखा गया था. राहुल के भारत वापस लौटने के बाद, दोनों की कोई खबर सामने नहीं आई थी. फिर सन 2003 में वेरोनिक फिर एक बार राहुल और उनके परिवार के सदस्यों के साथ नया साल मनाते हुए केरल एवं लक्ष्यदीप में दिखाई दी थी. इसके बाद दोनों के संबंध को लेकर सभी जगह फिर चर्चा तेजी से होने लगी थी. सन 2004 में एक इंटरव्यू के दौरान राहुल ने खुद कबूला कि वेरोनिक उनकी गर्लफ्रेंड है. वेरोनिक स्पेनिश मूल की है, जो वास्तुकार है. 2004 के बाद से राहुल और वेरोनिक को कभी साथ नहीं देखा गया, न ही दोनों की मिलने की कोई खबर इतने सालों में सामने आई है.
  • राहुल का इसके अलावा एक और संबंध भी सामने आया था. सन 2012 की एक रिपोर्ट्स के अनुसार राहुल का अफेयर अफगानिस्तान के राजा रह चुके मोहम्मद ज़ाहिर शाह की पोती नोअल ज़हर से रहा था. राहुल और नोअल को लोगों ने भारत एवं भारत के बाहर भी कई बार साथ में देखा था. न्यूज़ के अनुसार नोअल ने कैथलिक धर्म को अपना लिया था, और वे एवं राहुल इटली में सोनिया गांधी के घर में बने चैपल में साथ में प्राथना करते थे. लेकिन कहते है, ये रिश्ता ज्यादा चला नहीं और दोनों अलग हो गए थे. सन 2013 में नोअल ने मिस्त्र के राजा से शादी कर ली थी.

राहुल गांधी  पुस्तक (Rahul Gandhi books)

  • राहुल पहली अधिकारिक आत्मकथा इस किसाब को जतिन गांधी एवं वीनू संधू ने लिखा है, जो गांधी परिवार को करीब से दिखाती है. लेखक राहुल गांधी के अब का जीवन, उनकी सोच एवं आगे के कार्य को विस्तार से बताता है.
  • डिकोडिंग राहुल गांधी इसे आरती रामचंद्रन ने लिखा है. आरती ने राहुल के साथ कई इंटरव्यू किये थे, इसी के बारे में पुस्तक में विस्तार से लिखा हुआ है. इसके साथ ही राहुल के करीबी लोगों के साथ हुए इंटरव्यू को भी किताब में लिखा गया है.

राहुल गांधी  का वर्तमान कार्य (Rahul Gandhi work)

  • 2018 विधानसभा चुनाव साल 2018 की शुरुवात में कर्नाटक में चुनाव थे, जिसके लिए राहुल ने कर्नाटक के 30 अलग-अलग जिलों में जाकर रैलियां की. अंत में कांग्रेस को यहाँ 80 सीट मिली थी, जिसके बाद कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर अपनी सरकार बनाई है. इसी साल मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा चुनाव हुए. साल के अंत में इन राज्य में कांग्रेस को बड़ी जीत हासिल हुई है. राहुल गांधी ने इन तीनों राज्यों में रैली के दौरान किसानों को चुनावी मुद्दा बनाया और उनका कर्ज माफ़ी का वादा किया था. राहुल का ये हथकंडा काम आया और तीनों राज्यों में कांग्रेस जीत गई. जीत के 2 दिन के अंदर ही तीनों राज्यों में किसान कर्ज माफ़ी योजना की घोषणा कर दी गई, जिसकी पुष्टी राहुल ने खुद अपने ट्विटर अकाउंट में की.
  • राहुल गांधी अब 2019 में होने वाले आम लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे है. राहुल और उनके साथी लोग सब उन्हें अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रहे है. देश के तीन राज्यों में बड़ी जीत के बाद राहुल का आत्मविश्वास और बढ़ गया है. राहुल इसके लिए पुरे देश में रैलीयां कर रहे है, और अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते है.

राहुल गांधी  एक युवा नेता है, जो देश में युवाओं को राजनीति  में आने के लिए प्रेरित करते है. राहुल गांधी  को भविष्य में होने वाले सभी चुनाव के लिए हम देर सारी शुभकामनाएं देते है.

Other Links:

  1. भारत-पाकिस्तान युद्ध का इतिहास
  2. असहयोग आंदोलन 1920

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