सुषमा स्वराज का जीवन परिचय | Sushma Swaraj Biography in Hindi

सुषमा स्वराज का जीवन परिचय (Sushma Swaraj Biography in Hindi)

सुषमा स्वराज जी इंदिरा गांधी जी के बाद भारत की दूसरी महिला हैं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा. ये एक राजनेता के साथ – साथ सुप्रीम कोर्ट की पूर्व वकील भी रह चुकी हैं. और सन 2014 से भारत की विदेश मंत्री के रूप में कार्य कर रही हैं. वे इंदिरा गाँधी के बाद कार्यकाल संभालने वाली दूसरी महिला है. सुषमा जी सबसे कम उम्र की हरियाणा की कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं. और साथ ही दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रह चुकी है. सुषमा स्वराज जी के जीवन के बारे में एवं उनके द्वारा किये गये कार्यों के बारे में जानकारी यहाँ इस लेख के माध्यम से जानें.

Sushma Swaraj

जन्म एवं परिचय (Birth and Introduction)

क्र. म. (SNo.) परिचय जानकारी बिंदु (Introduction Points) परिचय (Introduction)
1. पूरा नाम (Name) सुषमा स्वराज
2. निक नाम (Nick Name) चिंकू स्वराज
3. पेशा (Profession) भारतीय राजनीतिज्ञ
4. राजनितिक पार्टी (Political Party) भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
5. जन्मतिथि (Birthdate) 14 फरवरी, 1952
6. उम्र (Age) 65 साल
7. जन्म स्थान (Birthplace) अंबाला कैंट, पंजाब, भारत
8. राष्ट्रीयता (Nationality) भारतीय
9. गृहनगर (Hometown) अंबाला, हरियाणा
10. धर्म (Religion) हिन्दू
11. जाति (Caste) ब्राह्मण
12. वैवाहिक स्थिति (Marital Status) विवाहित
13. नेट वर्थ (Net Worth) 6 करोड़
14. राशि (Zodiac Sign / Sun Sign) कुंभ
15. कद (Height) 4 फुट 11 इंच
16. वजन (Weight) 62 किलोग्राम
17. आँखों का रंग (Eye Colour) काला
18. बालों का रंग (Hair Colour) काला
19. पसंदीदा खाना (Favourite Food) गोलगप्पे, कचोरी, आलू पराठा
20. पसंदीदा राजनेता (Favourite Politician) अटल बिहारी वाजपेयी

सुषमा स्वराज का शुरूआती जीवन (Early Life)

सुषमा स्वराज जी के पिता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक प्रमुख सदस्य थे. इनका परिवार पाकिस्तान के लाहौर के धरमपुर इलाके का रहने वाला था. किन्तु भारत विभाजन के बाद ये पंजाब के अंबाला में रहने लगे और यहीं सुषमा जी का चिंकू के रूप में जन्म हुआ. वर्तमान में यह हरियाणा में स्थित है. सुषमा जी की बहन वन्दना शर्मा हरियाणा में लडकियों के एक सरकारी कॉलेज में राजनीति विज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर हैं. और सुषमा जी के भाई डॉ गुलशन शर्मा अंबाला में स्थित एक आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं.    

सुषमा स्वराज की शिक्षा (Education)

सुषमा स्वराज जी हरियाणा के अंबाला में ही पली बढ़ी. यहीं से उन्होंने छावनी के सनातन धर्म कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की, और वहाँ पर सुषमा जी ने संस्कृत और राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की. अपना स्नातक पूरा करने के बाद में सुषमा जी ने पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में कानून की पढ़ाई करने के लिए दाखिला लिया. और कानून की पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल की.

सुषमा स्वराज जी का व्यक्तिगत जानकारी (Personal Details)

जब भारत में इमरजेंसी का दौर चल रहा था उस समय 13 जुलाई 1975 को सुषमा जी ने स्वराज कौशल के साथ शादी की. स्वराज कौशल जी भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक सहकर्मी और साथी वकील हैं. आपातकाल आन्दोलन के समय वे दोनों एक साथ आये, और उन्होंने तब समाजवादी नेता जॉर्ज फ़र्नांडिस की रक्षा के लिए एक टीम बनाई. सुषमा जी की एक बेटी भी है, जिन्होंने लंदन यूनिवर्सिटी से अपनी स्नातक की पढ़ाई की, और फिर वहीँ के इनर टेम्पल कॉलेज से कानून में बैरिस्टर की डिग्री हासिल कर वे वकील बन गई.

सुषमा जी असाधारण गतिविधियों में हिस्सा लिया करती थी, और वे इसमें बहुत बेहतर भी थी. उन्हें शास्त्रीय संगीत, कविता, ललित कला और नाटक आदि में काफी रुचि हैं. कविता और साहित्य को पढ़ना सुषमा जी को बहुत है.

सुषमा स्वराज के परिवार की जानकारी (Family Detail)

1. पिता का नाम (Father’s Name) हरदेव शर्मा
2. माता का नाम (Mother’s Name) श्री मति लक्ष्मी देवी
3. भाई का नाम (Brother’s Name) गुलशन शर्मा
4. बहन का नाम (Sister’s Name) वंदना शर्मा
5. पति का नाम (Husband’s Name ) स्वराज कौशल
6. बेटी का नाम (Daughter’s Name) बांसुरी स्वराज

सुषमा स्वराज जी का करियर (Career)

सुषमा जी ने कानून में डिग्री हासिल करने के बाद वकालत करना शुरू की. इसकी शुरुआत इन्होंने सन 1973 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय में एक वकील के रूप में अभ्यास कर की. बाद में वे एक वरिष्ठ वकील बनी और अपराधिक क्षेत्र की वकालत करने लगी. वकालत करते हुए उन्होंने राजनीति में शामिल होने का फैसला किया.

सुषमा स्वराज का राजनीतिक करियर की शुरुआत (Early Political Career)

सुषमा जी वर्ष 1970 से राजनीति में शामिल हुईं, उन्होंने एबीवीपी के साथ मिलकर अपने ही राज्य हरियाणा से अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की. इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन सुषमा स्वराज जी द्वारा आयोजित किये गये थे. उस समय देश में आपातकाल लगा हुआ था. उन्होंने जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आन्दोलन में सक्रीय रूप से हिस्सा लिया. आपातकाल के बाद सुषमा जी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं और बाद में भाजपा की राष्ट्रीय नेता के रूप में उभरी.

राज्य स्तर पर  (State – Level Politics)

  • सुषमा स्वराज जी सन 1977 से 1982 तक हरियाणा विधानसभा की सदस्य रही थी.
  • 25 साल की उम्र में सुषमा जी ने अंबाला छावनी विधानसभा सीट हासिल कर ली थी. फिर वे दोबारा सन 1987 से 1990 तक विधानसभा की सदस्य बनी.
  • जुलाई सन 1977 में सुषमा जी ने हरियाणा में जनता पार्टी की सरकार में मजदूर और रोजगार विभाग में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. उस दौरान मुख्यमंत्री देवीलाल के नेतृत्व वाली सरकार थी.
  • सुषमा जी की उम्र उस समय केवल 27 साल की थी, जब वे इसी राज्य की बीजेपी की राज्य अध्यक्ष बनी.
  • इसके बाद सन 1987 से सन 1990 की अवधि के दौरान सुषमा जी भारतीय जनता पार्टी एवं लोक दल के गठबंधन वाली सरकार में हरियाणा की शिक्षा, खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री बनी.

राष्ट्रीय स्तर पर (National – Level Politics)

राष्ट्रीय स्तर पर सुषमा स्वराज जी के राजनीतिक करियर की जानकारी इस प्रकार हैं –

  • अप्रैल 1990 में, सुषमा जी राज्य सभा की सदस्य के लिए चुनी गई, और वे तब तक इसकी सदस्य बनी रही, जब तक कि वे सन 1996 में दक्षिण दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र से 11 वीं लोकसभा के लिए नहीं चुन ली गई.
  • सुषमा जी सन 1996 में पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान सूचना और प्रसारण के लिए केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री थी. इसके ठीक 2 साल बाद 1998 में सुषमा जी को फिर से लोकसभा सदस्य के लिए चुना गया, इस बार उन्हें दूरसंचार मंत्रालय के अलावा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार सौंपने के लिए शपथ दिलाई गई. इस अवधि के दौरान उनका सबसे उल्लेखनीय निर्णय फिल्म निर्माण को एक उद्योग के रूप में घोषित करना था, जिसने भारतीय फिल्म उद्योग को बैंक फाइनेंस के लिए योग्य बनाया. उन्होंने विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में सामुदायिक रेडियो शुरू किये.
  • सन 1998 का अक्टूबर माह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण समय था, जब वे दूसरी ऐसी महिला बनी जोकि दिल्ली की मुख्यमंत्री नियुक्त हुई. जिसके चलते उन्होंने केन्द्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया. हालाँकि उस दौरान हरियाणा में भाजपा विधानसभा चुनाव हार गई थी. फिर बाद में उन्होंने पूरी तरह से अपनी विधानसभा सीट छोड़ते हुए, राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में लौटने का फैसला किया.
  • अगले साल 1999 में सितंबर में सुषमा जी एक बार फिर लोकसभा चुनाव में कर्नाटक के बेल्लारी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव में खड़ी हुई, यहाँ उनकी विरोधी सोनिया गाँधी जी थीं. उस समय सुषमा स्वराज जी ने स्थानीय कन्नड़ भाषा में जनसभाओं को संबोधित किया. हालाँकि वे इस चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाई थी.
  • सन 2000 से सन 2006 तक सुषमा जी यूपी की राज्यसभा सदस्य के रूप में सांसद बनी, और इस तरह से उन्होंने फिर से राज्य स्तर की राजनीति की तरफ अपना रुख किया. उन दौरान भी वे सूचना और प्रसारण मंत्री बनी और इस पद पर वे सन 2003 तक कार्यरत थी.
  • सन 2003 से 2004 तक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और संसदीय मंत्री बनी. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उन्होंने एमपी के भोपाल में, ओडिशा के भुवनेश्वर में, राजस्थान के जोधपुर में, बिहार के पटना में, छत्तीसगढ़ के रायपुर में और उत्तराखंड के ऋषिकेश आदि में 6 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संसथान स्थापित किये.
  • सुषमा स्वराज जी यूपी से राज्यसभा सांसद बनने के बाद अगले 3 साल एमपी से राज्यसभा में अपने तीसरे कार्यकाल के लिए संसद की सदस्य बनी. अतः सुषमा जी सन 2009 तक राज्यसभा की सांसद बनी रही.
  • सुषमा जी सन 2009 में एमपी के विदिशा लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा की सदस्य बनी. उसी साल दिसम्बर में उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी के स्थान पर लोकसभा में विपक्ष की नेता के रूप में बागडोर संभाली. मई सन 2014 तक वे लोकसभा सदस्य के पद पर कार्यरत थी. उस समय के आम चुनाव में उनकी पार्टी की यह बहुत बड़ी जीत थी.
  • मई 2014 में, नरेंद्र मोदी जी के सत्ता में आने के बाद सुषमा स्वराज जी फिर लोकसभा की सदस्य बनी और उन्हें विदेश नीति को लागू करने के लिए कमान सौंपी गई. अतः उन्हें विदेश मंत्री नियुक्त किया गया. वे इंदिरा गाँधी जी के बाद इस पद को सँभालने वाली दूसरी महिला बनी.

सुषमा स्वराज को मिली उपलब्धियां (Awards and Achievements)

सुषमा स्वराज जी ने अपने जीवन में निम्न उपलब्धियां हासिल की –

  • हरियाणा के भाषा विभाग द्वारा आयोजित एक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सुषमा जी ने लगातार 3 वर्षों के लिए सर्वश्रेष्ठ हिंदी स्पीकर पुरस्कार प्राप्त किया था. साथ ही साथ 3 वर्षों के लिए उन्हें एसडी कॉलेज के एनसीसी का सर्वश्रेष्ठ कैडेट भी घोषित किया गया था.
  • सुषमा जी एसी बाली मेमोरियल घोषणा प्रतियोगिता में पंजाब विश्वविद्यालय की हिंदी में सर्वश्रेष्ठ स्पीकर भी बनीं, और उन्हें वहां यूनिवर्सिटी कलर अवार्ड से सम्मानित किया गया था.
  • सुषमा जी ने बयानबाजी प्रतियोगिता, बहस, गायन, नाटक और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में कई पुरस्कार अपने नाम किये थे.
  • सुषमा जी ने गवर्नर के रूप में भी कार्य किया हैं. वे सन 1990 से 2 साल तक मिजोरम की गवर्नर रहीं. वे सन 1998 से 2004 तक संसद की सदस्य भी रहीं.
  • सुषमा स्वराज जी के द्वारा किये गये कार्यों के चलते इन्हें 2 बार सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार भी मिला है, वह पहली और अब तक की एक मात्र महिला सांसद हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है.

सुषमा स्वराज विवाद (Controversies)

सुषमा स्वराज जी को कुछ विवादों में भी घिरा हुआ देखा गया है –

  • सन 2011 में जब सुषमा स्वराज जी विपक्ष की नेता थी, उस समय एक विवाद खड़ा हुआ, जब महात्मा गाँधी जी की समाधि पर उनके नाचने के दृश्य देखे गये. राजघाट पर हुए इस विरोध प्रदर्शन को टेलीविज़न चैनलों पर प्रसरित किया गया था. दूसरी ओर कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की, हालाँकि सुषमा स्वराज ने अपने द्वारा किये इस कृत्य के बचाव में कहा कि वह पार्टी की परम्पराओं को ध्यान में रखते हुए और कैडर का मनोबल बढ़ाने के लिए देशभक्ति के गीतों की धुन पर नाच रही थीं.
  • सुषमा स्वराज जी तत्कालिक एनडीए सरकार की कैबिनेट में विदेश मंत्री बनी, उस दौरान एक बार उन्होंने ललित मोदी को ‘मानवीय आधार’ पर पुर्तगाल की यात्रा करने के लिए वीज़ा प्रदान करने में मदद की और उन्होंने इस बात को स्वीकार भी किया था, जिसके कारण वे इस विवाद का केंद्र बनी. ललित मोदी आईपीएल के पूर्व प्रमुख हैं जिसे भारतीय भगोड़ा कहा गया था. जोकि पुर्तगाल में अपनी पत्नी की सर्जरी के लिए सन 2010 से ब्रिटेन में रह रहा था. इस विवाद में भारतीय जनता पार्टी सुषमा जी का समर्थन कर रही थी, वहीं कांग्रेस ने उनसे इस्तीफे की मांग की. इस तरह यह विवाद काफी बड़ा हो गया था.  

सुषमा स्वराज स्वास्थ्य (Sushma Swaraj Health)

साल 2018 में सुषमा जी को किडनी से जुड़ी बीमारी से जूझना पड़ा था. 10 दिसम्बर को दिल्ली के एम्स में सुषमा जी का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ, किसी असंबंधित डोनर ने उन्हें किडनी दी और यह सर्जरी सफल रही.

सुषमा जी भारतीय जनता पार्टी की एक प्रमुख नेता हैं जिन्होंने विदेश मंत्री रहते हुए काफी अच्छा कार्य किया है. और उम्मीद हैं आने वाले लोकसभा चुनाव में यदि बीजेपी की जीत होती हैं तो सुषमा जी और भी अच्छा कार्य कर जन सेवा में हमेशा कार्यरत रहेंगी.

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