बीजेपी का इतिहास |History of BJP in Hindi

बीजेपी(भाजपा ) का इतिहास( History of BJP-Bhartiya Janta Party in Hindi)

भारत में तत्कालीन सत्ताधीश पार्टी भारतीय जनता पार्टी उन चुनिंदा पार्टियों में से हैं जो कम समय में केंद्र में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही हैं. भारत एक लोकतांत्रिक देश हैं, यहाँ पर या तो कांग्रेस का शासन रहा या फिर कुछ पार्टियों ने मिलकर गठबंधन सरकार बनाई है. ऐसे में देश की स्वतंत्रता के बाद 68 वर्षों बाद बीजेपी का बहुमत से सरकार बनाना एक बड़ी उपलब्धि हैं. इसमें कोई शक नहीं कि देश की स्तंत्रता में इंडियन नेशनल कांग्रेस का महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं,इसलिए ही शायद भारतीयों ने स्वतंत्रता  के बाद भी आंख बंद करके कांग्रेस को ही सत्ता सौपी, लेकिन समय के साथ बदलती परिस्थितयों में केंद्र में भी एक  प्रबल और सशक्त विपक्ष की आवश्यकता महसूस होने लगी. यहाँ प्रबल और सशक्त शब्द का उपयोग इसलिए किया जा सकता हैं क्योंकि देश के विभिन्न राज्यों में कई ऐसी छोटी-बड़ी पार्टिया थी जो कि अलग-अलग या संयुक्त रूप से लोकसभा में केंद्र सरकार के विपक्ष में बैठती थी,लेकिन इन पार्टियों के उदेश्य क्षेत्रीय और सीमित होते थे. 47 से लेकर 60 तक के समय में कांग्रेस में भी 2 विचार धाराएं अपनी जगह बना चुकी थी,इसलिए देश की सबसे पुरानी और सम्मानीय माने जाने वाली पार्टी से ही निकलकर तो कुछ नए लोगों के जुड़ने से इस नयी पार्टी का जन्म हुआ. इस पार्टी ने भी रोलर-कोस्टर की तरह कई उतार-चढ़ाव देखे और अंतत: 2014 में पूर्ण बहुमत के साथ जीत दर्ज करके केंद्र में पूरे सम्मान के साथ अपनी जगह बनाई,इसलिए इसके बारे में विस्तृत जानना जरुरी हो जाता हैं.

भारतीय जनता पार्टी (BJP)का इतिहास

भारतीय जनता पार्टी का उद्भव (Formation of Bhartiya Janta Party)

भारतीय जनता पार्टी का उद्भव 38 वर्ष पूर्व हुआ था, जिसकी आधिकारिक रूप से स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी. इसका नाम जनसंघ रखा गया,इसके संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे. 1977 में लगे इमरजेंसी के बाद जनसंघ 3 अन्य पार्टियों के साथ मर्ज हो गयी जिससे इसका नाम जनता पार्टी रखा गया. इमरजेंसी के दौरान जब कांग्रेस की प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी ने यह निर्णय लिया था, तब जनता पार्टी टूट गयी और 1977 के चुनावों में मोरारजी देसाई के नेतृत्व में सरकार बनी. हालांकि आंतरिक मतभेदों के चलते 1979 तक जनता पार्टी टूट गयी और 1980 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बीजेपी का गठन हुआ, वाजपेयी ने हिंदुत्व के एजेंडे के साथ पार्टी को आगे बढाया.

बीजेपी और संघ (BJP and Union )

भारतीय जनता पार्टी के बारे में कहा जाता हैं कि इसका उद्भव पूरी तरह से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से हुआ हैं, लेकिन इस पर पक्ष-विपक्ष में विश्लेष्णात्मक मत आते रहते हैं. लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता हैं कि अब तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने ही बीजेपी को अनगिनत नेता और कार्यकर्ता दिए हैं, इसलिए बीजेपी को समझने के साथ ही संघ को और संघ की कार्यप्रणाली को समझना भी आवश्यक हैं, और ये जानना भी की किस तरह से आज भी बीजेपी और संघ एक दुसरे से जुड़े हुए हैं. संघ की विचारधारा देश को लेकर पूर्णतया स्पष्ट रही हैं, यदि इसे हिन्दुत्ववादी संगठन कहे तो कही से गलत नहीं होगा, राष्ट्रवाद का जनक संघ ही वो बीज हैं जिससे आज की बीजेपी का कमल खिला हैं.

बीजेपी का जन्म से लेकर अब तक का सफर (BJP’s life span till now)

  • 1984 में जब 8वे आम-चुनाव संपन्न हुए तो उस समय बीजेपी एक नयी पार्टी थी,इसलिए इसे केवल 2 सीट की जीत मिल सकी थी. इसके बाद 1986 में लाल कृष्ण आडवाणी ने पार्टी प्रेसिडेंट का पद संभाला और पार्टी ने अगले कुछ सालों में रफ्तार पकड़ी.
  • 1989 में बीजेपी ने 85 सीट जीतकर वीपी सिंह के नेशनल फ्रंट गवर्नमेंट को सपोर्ट किया था. लेकिन बड़ा परिवर्तन तब आया जब 1990 में आडवानी ने सोमनाथ से अयोध्या तक की राम रथ यात्रा निकाली,जिसका प्रभाव अगले चुनावों में देखने को मिला. 1991 के 10वे आम-चुनावों में बीजेपी ने 120 सीट जीती थी
  • इसके बाद 1996 में हुए 11वे आम चुनाव में बीजेपी 161 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गयी लेकिन लोकसभा में बहुमत नहीं जुटा सकी जिस कारण अटल बिहारी वाजपेयीजी की सरकार 2 हफ़्तों से भी कम दिनों में ही गिर गयी,
  • 1998 में मिड टर्म पोल होने पर बीजेपी ने 182 सीट के साथ जीत दर्ज करवाई. एनडीए ने वाजपेयी जी के नेतृत्व में 1 साल 1 महीने के लिए गठबंधन सरकार सरकार बनाई. इसके पश्चात 1999 में 12वे आम चुनावों में भी बीजेपी-एनडीए ने जीत दर्ज करवाई और वाजपेयी जी ने एक बार फिर से देश के प्रधान मंत्री का पद संभाला.
  • 2004 में इंडिया का इंडिया शाइनिंग केम्पेन फ़ैल हो गया और जिसके कारण बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, इस बार बीजेपी को 138 सीट मिली थी और ये विपक्ष में बैठी.
  • इस तरह बीजेपी अब तक केंद्र में ना केवल जगह बना चुकी थी बल्कि कई राज्यों में अपनी सरकार के साथ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही थी लेकिन तब तक बीजेपी का मुख्य कार्यक्षेत्र उत्तर-पश्चिम भारत ही था, पूर्वोत्तर के कुछ राज्य में ये जमीन तैयार कर रही थी लेकिन दक्षिण में बीजेपी का कोई नाम नहीं था. इसके बाद 2008 में बीजेपी का दक्षिण भारत में मुख्यधारा में पदार्पण तब हुआ जब कर्नाटक में बीजेपी की सरकार बनी.
  • हालांकि 2009 में 15 वे आम चुनावों में एक बार फिर से एनडीए हार गयी,बीजेपी को मात्र 116 सीट मिली और विपक्ष की प्रमुख पार्टी के रूप में कार्य किया. लेकिन 2014 का साल बीजेपी के लिए एक सुनहरा वर्ष बनकर आया जिसने एक नया इतिहास रच दिया, बीजेपी को 282 सीट मिली और एनडीए को 336 सीट मिली,इस तरह इस पार्टी ने 282 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया हैं और नरेंद्र मोदी को देश की सत्ता सौंपी गई .अब भी 2019 के इलेक्शन के लिए बीजेपी सकारातमक दिशा में आगे बढने का प्रयास कर रही हैं. 

जनसंघ के अध्यक्ष (Presidents of Jansangh)

वर्ष नाम
1951-52 डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी
1954 पंडित मौली चन्द्र शर्मा
1955 पंडित प्रेम नाथ डोंगर’
1956-58 आचार्य डी.पी. घोष
1965 श्री बछराज व्यास
1966 श्री बलराज माधोक
1967 पंडित दीनदयाल उपाध्याय
1969-71 श्री अटलबिहारी वाजपेयी
1973

 भारतीय जनता पार्टी के प्रेजिडेंट्स

1980-86 श्री अटल बिहारी वाजपेयी
1986-1990 श्री लाल कृष्ण आडवाणी
1991-1993 डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी
1993-98 श्री लालकृष्ण आडवाणी
1998-2000 लेट श्री कुशाभाऊ ठाकरे
2000-2001 श्री बंगारू लक्ष्मण
2001-2002 लेट श्री के-जन.कृष्णमूर्ति
2002-2004 श्री एम.वेंकैया नायडू
2004-2005 श्री लाल कृष्ण आडवाणी
2005-2009 श्री राजनाथ सिंह
2010-2013 नितिन गडकरी
2013-2014 राजनाथ सिंह
2014- से वर्तमान 2018 तक अमित भाई शाह

 बीजेपी का चुनाव चिन्ह (BJP’s Election Sign)

भारत के चुनाव आयोग द्वारा बीजेपी को एप्रूव्ड  चुनाव चिन्ह कमल का फूल हैं. कमल भारत का राष्ट्रीय फूल हैं, इसे यदि पार्टी के खुदके विचारों से समझा जाए तो इस चुनाव-चिन्ह से राष्ट्रीय स्तर पर इसकी जो पहचान हैं,उसे मजबूती मिलती हैं. बीजेपी का राजनीतिक एजेंडा कल्चरल नेशनलिज्म हैं,मतलब बीजेपी भारत की संस्कृति को बनाये और बचाए रखने की दिशा में काम करती हैं. जैसे बीजेपी ने गौ-हत्या पर प्रतिबंध लगाया हैं,क्योंकि ये भारतीयों के लिए पवित्र जानवर हैं. इसी तरह ये पार्टी यूरोप के सेक्युलरिज्म के बहिष्कार को भी प्रमोट करती हैं.

पार्टी के मुख्य उद्देश्य भारत को इसके प्राचीन सभ्यता और वेल्यूज (Values) के साथ आगे बढाते हुए विश्व शक्ति बनाना  हैं. पार्टी एक डेमोक्रेटिक स्टेट (democratic state )बनाना चाहती हैं जो कि सभी नागरिकों को कास्ट(caste), राजनीति और सामजिक,आर्थिक स्तर पर समान अधिकार दे. अन्य शब्दों में कहे तो बीजेपी स्वयं को सभी दिशाओं से एकमेव भारत का प्रतीक मानती हैं, जिनमे इसका चुनाव चिन्ह भी शामिल हैं जो कि संस्कृति और विद्या की देवी सरस्वती का भी प्रतीक हैं, जिनके एक हाथ में भगवद गीता हैं.

 बीजेपी-दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी (Biggest party of the world)

बीजेपी ने 100 मिलियन सदस्यों के साथ अप्रैल 2015 में दुनिया के सबसे ज्यादा सदस्यों की संख्या हासिल कर ली हैं,इस पहले चाइना की कम्युनिस्ट पार्टी को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी  माना जाता था. इस तरह से अचानक इसकी संख्या बढ़ने का कारण अमित शाह को माना जाता हैं, जिन्होंने 2014 में मिस्ड कॉल केम्पेन चलाया था, इसके अंतर्गत कोई व्यक्ति यदि पार्टी के नम्बर पर मिस्ड कॉल देता हैं तो वो पार्टी का सदस्य बना सकता हैं,इसके लिए उसे अपने अपनी निजी जानकारी जिसमें एड्रेस और पेशे के बारे में भी बताना होता था. हालांकी इस तरह बने सदस्यों के कारण पार्टी को जीत मिली इस मुद्दे पर बहुत से विचार सामने आये हैं लेकिन मोदी की प्रसिद्धि को देखते हुए पार्टी के प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता हैं. इस पार्टी का एक अन्य रिकॉर्ड भी हैं जिसमे इसका नया हेडक्वार्टर (जो कि दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित हैं) लगभग 1.70 लाख स्क्वायर फीट में फैला हुआ है,ये किसी भी अन्य राजनैतिक पार्टी के हेड-क्वार्टर से बड़ा हैं.

 लोकसभा में बीजेपी के तत्कालीन प्रतिनिधि (2018 में)

  •  पार्टी के पास अभी 15 मुख्यमंत्री हैं जिनमे अरुणाचल प्रदेश, आसाम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरयाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं. इसके अलावा बीजेपी की 4  राज्यों में गठबंधन सरकार भी हैं.
  • इस तरह अभी बीजेपी के पास बहुत सी सहयोगी पार्टियाँ हैं लेकिन इन सबमे शिव सेना एक ऐसी पार्टी जो सबसे ज्यादा पुरानी पार्टी हैं जो बीजेपी से जुडी हुयी हैं. इन दोनों पार्टीयों का सामंजस्य और संबंध 1995 से हैं. हालांकि अभी शिव सेना ने पहले ही घोषणा कर दी हैं 2019 के चुनावों में ये बीजेपी के साथ नहीं रहेगी,
  • इसी बीच बीजेपी के जम्मू कश्मीर में पीडीपी के साथ रिश्ते कुछ ख़ास अच्छे नहीं हैं. जबकि पंजाब में भी अकाली दल और बीजेपी का गठबंधन 2017 में इलेक्शन नही जीत पाया था.  

बीजेपी के सर्वाधिक कार्यकाल वाले सीएम 

बीजेपी के सबसे ज्यादा कार्यकाल तक सीएम बने रहने वाले व्यक्ति वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. जिन्हें 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री चुना गया था. तब से लेकर 2014 तक ये गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर बने रहे. इनके आलावा छत्तीसगढ़ के रमण सिंह भी 2003 से लेकर अब तक और मध्यप्रदेश के शिवराज सिंह चौहान भी 2005 से लेकर अब तक मुख्यमंत्री पद पर हैं.

गत 20 वर्षों में बीजेपी में आये परिवर्तन पर एक नजर (Brief of last 20 Years of BJP)

बीजेपी के बारे में माना जाता हैं कि पिछले 27-30 वर्षों में इस पार्टी में प्रमुख चेहरों के साथ इसकी कार्य-प्रणाली और विचारधारा में बहुत परिवर्तन आये हैं,इसे इन दो उदाहरणों से समझा जा सकता हैं-

1996 में लोकसभा चुनावों के बाद अटल बिहारी वाजपेयी को सीट्स (seats) की कमी पड़ रही थी, राष्ट्रपति ने बीजेपी को मिली जीत के आधार पर इसे सबसे बड़ी पार्टी माना और उन्हें मेजोरिटी प्रूव करने का मौका दिया. वाजपेयी जी ने इस दिशा में काफी कोशिशे की लेकिन अपने आदर्शों और सिद्धांतों के साथ कोई समझौता नहीं किया, और अंत में उनके सारे प्रयास विफल रहे और उन्होंने प्रधान मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. बिलकुल ऐसी ही स्थिति 2018 में बीजेपी के बीएस येदियुरप्पा की थी जिन्होंने कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों को अपनी तरफ करने की हर-सम्भव कोशिश की,ये कोई एक सीन नहीं था,इसके अलावा भी बीजेपी का हर राज्य में अपने विचारो से अलग पार्टियों के साथ गठबंधन इस पार्टी में आया परिवर्तन की सुचक हैं. इन सबसे ये साफ़ साबित होता हैं कि “मर्यादा पुरुषोत्तम” के काल से लेकर “जो भी अपनी जीत के लिए जरूरी हो,करो” तक का सफर इस पार्टी ने तय किया हैं, विपक्षी दल और आलोचक तो बीजेपी के इस उद्विकास को रामायण काल से लेकर महाभारत काल तक का समय भी कहते हैं. 

बीजेपी की उपलब्धियां (Achievements of BJP)

देश की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी ने कई उपलब्धियां भी हासिल की हैं,

  • बीजेपी के कई फ्रन्टल ऑर्गनाइजेशन (Frontal Organization )हैं , जिनमें भारतीय जनता युवा मोर्चा,जो कि स्टूडेंट पॉलिटिक्स (Student Politics)में हस्तक्षेप रखती हैं,इसके अलावा महिलओं संबंधित मुद्दों के लिए बीजेपी महिला मोर्चा भी हैं.
  • अटलबिहारी वाजेपयी के समय पाकिस्तान के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाने की काफी कोशिशें की गयी. उन्होंने 1999 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री परवेज मुशर्रफ के साथ लाहौर सन्धि की. हालांकि ये समिट फ़ैल रहा, लेकिन वाजपेयी जी ने पड़ोसी मुल्क के साथ लगातार सन्धि वार्ता करते रहने के संकेत दिए.
  • 2004 में बीजेपी की एनडीए सरकार ने पडोसी मुल्को जैसे पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव के साथ साउथ एशिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट(SAFTA) साइन किया.
  • बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट जैसे नार्थ-ईस्ट-वेस्ट साउथ कोरीडोर में नेशनल हाइवे पर गोल्डन क्वाड्रीलेटरल नेटवर्क से विदेशी इन्वेस्टमेंट बढ़ाने की कोशिश की.
  • 1992 में राजनाथ सिंह ने एंटी-कॉपी एक्ट (anti copy act) पास किया था जिससे बीजेपी को आम चुनावों में रिकॉर्ड जीत हासिल हुयी.

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